13 मई 2019 - 13:29
फ़ार्स खाड़ी में अमरीकी विमान वाहक युद्धपोत ख़तरा नहीं बल्कि टारगेट है, ईरानी कमांडर

ईरान की इस्लामी क्रांति फ़ोर्स आईआरजीसी के एक वरिष्ठ कमांडर ने कहा है कि फ़ार्स खाड़ी में अमरीकी सेना की उपस्थिति अब कोई ख़तरा नहीं है, बल्कि हमारे लिए यह एक लक्ष्य है।

आईआरजीसी के वरिष्ठ कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अमीर अली हाजीज़ादे ने कहा है कि फ़ार्स खाड़ी में तैनात अमरीकी सैनिक अब पूरी तरह से ईरानी बलों की रेंज में हैं और अगर उन्होंने कोई ग़लती की तो सीधे उनके सिर को निशाना बनाया जाएगा।

आईआरजीसी की एयरोस्पेस डिविज़न के कमांडर ने रविवार को यह बयान उस समय दिया जब इलाक़े में अमरीकी विमान वाहक युद्धपोत की तैनाती और आईआरजीसी की मिसाइल क्षमता पर बता कर रहे थे।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, अगर अमरीकियों ने कोई भी ग़लती की तो हम सीधे उनके सिर पर वार करेंगे। यही इलाक़े की वर्तमान स्थिति है, यह विगत की भांति नहीं है, विगत में यह हमारे लिए एक ख़तरा था, लेकिन अब यही एक अवसर है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर अमरीकी ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध की बात नहीं कर रहे हैं तो इसकी वजह यह है कि वे अब कमज़ोर हैं।

इस बीच, रविवार को ही अमरीकी रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने दोनों पक्षों को युद्ध के बारे में कोई भी ग़लत अंदाज़ा लगाने के लिए चेतावनी दी है।

ग़ौरतलब है कि ईरान को धमकी देते हुए अमरीका ने मध्यपूर्व में विमान वाहक युद्धपोत और बमवर्षक तैनात किए हैं।

हाजीज़ादे ने कहा, एक विमान वाहक युद्धपोत पर कम से कम 40 से 50 लड़ाकू विमान और क़रीब 6000 सैनिक तैनात होते हैं। पूर्व में हमारे लिए यह ख़तरा था, लेकिन अब यह एक टारगेट है और ख़तरा अवसर में बदल गया है।

अमरीकी सेन्ट्रल कमांड के पूर्व कमांडर विलियम फ़ालॉन का कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान और अमरीका के बीच मौजूदा तनाव युद्ध में बदलेगा, बल्कि यह मीडिया केवल मीडिया का प्रचार है।

उन्होंने कहा, तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव कई दशकों से जारी है, लेकिन हालिया दिनों में दोनों ओर से शाब्दिक युद्ध के बावजूद कोई गंभीर ख़तरा नहीं है।

फ़ालॉन का कहना था कि हास्यास्पद रिपोर्टिंग ने फ़ार्स खाड़ी में माहौल को गर्मा दिया है, यह ऐसा ही है जैसे चार वर्ष पहले दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था।